Wednesday, 3 July 2013

मील के पत्थर पथिक को गुमराह नहीं करते



अर्श  के रहिवासी 

फ़र्श की परवाह नहीं करते 



मील के पत्थर 


पथिक को गुमराह नहीं करते 



सच ही दिखायेंगे 


दर्पण  जब भी दिखाय्रेंगे 



रिश्वत ले ले कर 


वो झूठी वाह वाह नहीं करते 



रोज़ी 





Tuesday, 2 July 2013

राज भाटिया जी कहना चाहते हैं, ज़रा साफ़ साफ़ कहें ......



Raj Bhatia जिन्हे सनी लियोन में इन्हें भारतीय नारी ही दिखती, उन्हे मै दुं एक लिंक ताकि वो अच्छी तरह से इसे देख ले, फ़िर अपनी बेटी ओर बहिन को उसी के नक्शे कदम पर चलाये, क्योकि उन के दिल मे बहुत सम्मान हे ऎसी नारियो पे, घर मे चाहे अपनी बीवी को गुलाम बना के रखा हो..

राज भाटिया जी ने फेस बुक  अलबेला खत्री की वाल पर यह टिप्पणी की है .

 जो मेरी समझ में नहीं आई ,उनसे प्रार्थना है  कि  जो कहना है साफ़ साफ़ 

कहें  और वोह लिंक भी जल्दी दें जिसका जिक्र  उन्होंने किया है  .हम भी  

देखें उस लिंक की लीला

rosy

मञ्जूषा जी बता ही देतीं कि वोह क्या है जिसे आपत्तिजनक माना जाये



मंजूषा पण्डे  को क्या आपत्तिजनक  लगा  मेरे ब्लॉग में, 

ये तो मैं नहीं जानती लेकिन इतना ज़रूर जान गयी हूँ  यहाँ आकर कि  

महिलाओं  को महिलाओं से ही तकलीफ़ है . पुरूष तो बेचारे जान छिड़कते 

हैं हम पर .  अच्छा होता यदि मञ्जूषा जी बता ही देतीं कि  वोह क्या है 

जिसे आपत्तिजनक माना  जाये

रोज़ी

मैं मोहब्बत की नदी हूँ



मैं मोहब्बत की नदी हूँ 

आओ और मुझमे नहा लो

आग है जितनी बदन में

आज सब मुझ में बहा लो


रोज़ी

Monday, 1 July 2013

मैं धरती हूँ, अम्बर के हर प्रहार को सहूंगी


विनाश  का विकराल  दानव 

लील नहीं पाया


मेरे तरल अस्तित्व को 



मैं धरती हूँ, 


अम्बर के हर प्रहार को सहूंगी 


सहती रहूंगी 



फिर भी  आँचल में सृजन के फूल 


खिलाती रहूंगी 



रोज़ी

वोह लौंडा पीछे पीछे तो आएगा


शबाब 
आया है 
तो गुल खिलाएगा

रंग 

जवानी का 
नज़र तो आएगा

चलूँ  

कितना ही 
छुपके मैं "रोज़ी "

वोह 

लौंडा 
पीछे पीछे तो आएगा 

 रोज़ी